Wednesday, 20 August 2025

"क्या कह दिया कवि ने"

"क्या कह दिया कवि ने" 

रिपोर्ताज 

         अभी हम उन्घियाते 😴 हुए उठे ही थे कि मुबलिया घनघना उठा दूसरी तरफ़ ऑल इंडिया रेडियो के नजीबाबाद केंद्र से सोहन शर्मा थे। नमस्कार चमत्कार के बाद सोहन जी ने सूचित किया सर 13 अगस्त को आपकी रिकॉर्डिंग होनी निश्चित हुई है😊 हमने धन्यवाद अदा किया फिर हमने यूं ही पूछ लिया कोई और भी है क्या मेरठ से तो बोले दो और थे लेकिन दोनों ही मेरठ से बाहर हैं🫣 एक सोलह को आयेंगे दूसरे पच्चीस को सो जनाब ए आली आप ही नजीबाबाद रेडियो स्टेशन को पवितर कर दें हमने तथास्तु कह दिया सोचा पूरे ग्यारह दिन पड़े हैं। इसी बीच इंद्र देवता ☔ 🌧️ ☔ पूरे भारत में घमासान मचाने लगे और लो जी सात अगस्त को मुबलिया फिर घनघना उठा। सोहन जी ने सोणी सी आवाज़ में गुज़ारिश की कि क्या आप तेरह की जगह ग्यारह को पधार सकते है साथ ही बिना विलम्ब किए सुदेश यादव और चित्रा त्यागी जी के मोबाईल नंबर भी इस आशय से शेयर कर दिए कि आप इनसे बात कर लें इनकी भी रिकॉर्डिंग ग्यारह को ही है। दूसरे दिन सुदेश जी से बात हुई और तय हुआ कि अनिल बाजपेई हापुड़ से अपनी गाड़ी🚘 लेकर आयेंगे उसी में हम चारों चलेंगे। 

         लो जी ग्यारह भी आ गई, सुबह सात बजे निश्चित स्थान पहुंचें, चित्रा जी हमसे पहले ही पहुंच गईं। तभी सुदेश जी ने बताया हमारे मित्र सुनील भारद्वाज भी चलेंगे। अब पांचों लद गए मारुति डिजायर🚖 में। चूंकि बारिश⛈️⛈️⛈️ ने कहर मचाया हुआ था सो हमने सभी को सूचित किया देखो भैय्या परसों अख़बार में नजीबाबाद रेडियो स्टेशन में पानी घुसा हुआ था और बिजनौर बैराज का हाल भी कुछ अच्छा न है, पुल के नीचे से बहने वाला पानी पुल के ऊपर से बह रहा है सो सुदेश जी ने किसी परिचित को तुरन्त फोन खड़का दिया। उधर से अपेक्षित उत्तर प्राप्त हुआ, जीवन से मोह भंग हो गया हो तो पधारो बच गए तो रिकॉर्डिंग करना वरना तुम्हारा नाम रिकॉर्ड में दर्ज करवा देंगे 🙆‍♂️। तभी चित्रा जी ने विश्वसनीय अंदाज़ में कहा वाया गढ़, गजरौला, धनौरा, चलते हैं मुझे रास्ता पता है।  सुनील जी ने तुरन्त गूगल में उगल किया और बाजपेई ने गड्डी दौड़ा दी जी। धनौरा तक सब ठीक लेकिन गूगल को क्या पता पानी कहां कहां घुस चुका है सो हमने गुहार लगाई क्या हम देसी गूगल में उगल करें। चारों ने पलटकर ऐसे देखा जैसे हमने पाकिस्तान पे हाथों से ही ब्रह्मोस 👁️ दाग दिया हो। हमने कहा तनिक गड़िया रोकिए तो सही फिर दो तीन लौंडे🧑🏻‍🎨 जो यूं ही खड़े बतिया रहे थे नजीबाबाद का रास्ता पूछा उन्होंने पहले तो घूर कर देखा जैसे हमने ट्रंप पर टैरिफ थोप दिया हो फिर जब देखा कि मारुति नामक गड़िया में बढ़िया से पंच परमेश्वर विराजे हुए तो मुस्कुराते हुए पहले तो नजीबाबाद जल्दी पहुंचने वाले रास्ते को दिमाग़ से निकालने की नसीहत दी और साफ़ बोल दिया नाक 👃 की सीध में चले चलो फिर फलाने से ढिकाने से 😳 लेना, वॉकल फॉर लोकल करते हुए बिजनौर को नमस्ते करते हुए हम पंच परमेश्वर साढ़े बारह नजीबाबाद जा पहुंचे, जहां हमारे इस्तकबाल के लिए 🌱 अस्सी वर्षीय नौजवान इंद्र देव भारती जी हाज़िर मिले। हमने फ्रेश होने के बाद साफ़ कह दिया पहले पेट पूजा करेंगे भला खाली पेट रिकॉर्डिंग क्या खाक करेंगे जी। हालत बाकी चारों की भी यही थी पर बोले कौन तो हुज़ूर हम हैं न। सो गर्मा गर्म पकौड़ी समोसे बरफी के साथ बढ़िया वाली चाय ओह हो हो भाई साहब पूछो मति बस डकार की कसर थी पर वो किसी को भी आई ना जी।

         तीन बजे रिकॉर्डिंग से फारिग हुए तो चित्रा जी और इन्द्र देव जी ने बताया कि फलाने के पिताजी नहीं रहे😓 बेहतर होगा पांच मिनिट की हाजिरी लगा दी जाए। अब भला ऐसे कामों को मना करने का प्रश्न ही कहां उठता है सो इंद्रदेव जी के निर्देशानुसार बाजपेई जी ने गड्डी दौड़ा दी। जब गड्डी रोड से बाएं मुड़ी तो कवि दुष्यन्त के नाम से बना बड़ा सा द्वार नज़र आया बस तय किया कि वापिसी में एक ठो फोटो ज़रूर ली जाएगी। कच्ची पक्की सड़क से होते हुए रपटे ( बरसात में अचानक पानी आ जाना, जो उसे पार करने का दुस्साहस करे वो कार सहित किधर बह गया पता ही नही चलता) को प्रणाम🙏🏾 करते हुए नियत स्थान जा पहुंचे। दस मिनिट की बैठक फिर वापिसी चूंकि बारिश का मौसम लगातार बना हुआ था सो दुष्यन्त जी के गांव जाने का विचार त्यागा वहीं से उनके गांव को प्रणाम किया और वापिसी में दुष्यन्त द्वार पर फोटो ली, रास्ते में नजीबाबाद की मशहूर चाट वाले का स्वाद लेते हुए इंद्रदेव जी को घर छोड़ा और भले आदमी द्वारा गाइड किए रस्ते (नहटौर, पैजनिया चांदपुर से धनौरा गजरौला) पर चल दिए मेरठ की ओर। लेकिन लेकिन लेकिन सुनील जीको गूगल ने फिर गच्चा दे दिया। अचानक पोलिस 🚨  बैरिकेडिंग देखते ही गड्डी रुकी बाजपेई ने बड़ी शालीनता से शायद SI था पूछा क्या बात हुई सर, सर सुनते ही पुलिस वाले ने पहले गाड़ी का मुआयना किया फिर पूछा किन्घे जाना है तमै, बाजपेई जी ने फिर बड़ी शालीनता से कहा मेरठ। हूं कहते हुए पोलिस वाला बोला पानी 🌊 पे तैर के जाओगे दिख नी रा पानी पुल के निश्चे से नी ऊपर से बह रा है। तभी सुनील जी बोल पड़े हमें तो गूगल ले आया यहां पर। पुलिस वाला बोला तो कुछ नही पर उसके हाव भाव से लग रिया था जैसे गूगल का नाम सुनते ही वो बाढ़ का पानी हमारी गड्डी की ओर उछाल देगा। गड्डी मोडी और सरपट दौड़ा दी और हमने फिर से देशी गूगल में उगल किया और खरामा खरामा गढ़, चित्रा जी को उनकी बहन के घर ड्रॉप किया, चाय पी और अनिल बाजपेई जी को धन्यवाद कहकर सीधे हापुड़ जाने के लिए कह दिया और हम तिलंगे 😜 रोड़वेज बस पकड़कर पौने ग्यारह बजे सीधे मेरठ। आज के प्रवास की उपलब्धि के तौर पर "एक पंथ दो काज" के साथ "क्या कह दिया कवि ने" तकिया कलाम रहा जिसे प्रवास के दौरान बार बार सुदेश यादव दोहराते रहे।😎😎😎😎😎

प्रदीप डीएस भट्ट - 21082025

Friday, 8 August 2025

"आ बैल मुझे मार"

             
"आ बैल मुझे मार" टैरिफ फॉर नॉबेल 

         हैलो हैलो हैलो मिस्टर मोदी मिस्टर मोदी हैलो हेलो SSSSS SSSSSSSSSS आख़िर थक हार कर ट्रंप ने अपने सहायक से मुखातिब होते हुए कहा, माईकल ज़रा साइकिल लेकर भारत जाओ और मालूम करके बताओ कि मिस्टर मोदी हमारा फ़ोन काय कू नही उठाना मांगता। माइकल के दिल में तो आया कि ट्रंप के कान के नीचे एक बजाए लेकिन कुछ सोचकर दांत पिसते हुए बड़ी शालीनता से कहा जनाब वो मोदी है न उसकी राशि वृश्चिक है समझदार आदमी ऐसे लोगों से पंगे लेने से पहले पचास बार सोचता है लेकिन आप हैं कि मोदी को मुनीर समझ रहे हैं। महाराज कोई बीच का रास्ता निकालो और मामला सुलटा लो वरना ये नया भारत है उल्टा करके टांग देगा और नीचे से मिर्च की धोकनी अलग से देगा। शटअप माइकल हम सारी दुनिया के चौधरी हैं जाओ मिस्टर मोदी को बताओ। माईकल कुछ देर चुप रहा फिर एक दम फूटते हुआ बोला मैं पांच साल भारत में रहा हूं बेवड़े वहां कैसे कैसे चौधरी हैं तुम्हें अंदाज़ा भी नही है। सच बता रिया हूं तुम्हारे इन्हीं कुकर्मों की सजा सारा अमेरिका भुगत रहा है और इसलिए तुम्हारी इज़्ज़त इतनी तेजी से घट रही है कि बस पूछो मति, बस इत्ता समझ लो मोदी के पंजे के नीचे से जैसे बिच्छू आर पार हो जाता है वैसे ही आपकी इज़्ज़त बेजत्ती भी बिच्छू के पेट के नीचे से इधर से उधर सरक जा री है। अच्छा चलता हूं रात हो री है मुझे दुआ या बददुआ में भी याद न रखना महाराज।

         भारत के किसी भी प्रांत में जाइए, भाषा भले ही तमिल हो तेलगु हो मलयालन, कन्नड़ हो, पंजाबी हो या बंगाली या फिर अपनी प्यारी सी दुलारी सी हिन्दी। हर भाषा में दादी हो या नानी या फिर अच्छी या खडूस सी देसी मां भाई साहब हर बात में कहावतों का पिटारा खोलना उन्हें भली भांति आता है। मैगी को बनने में दो मिनिट लगते हैं किंतु मां के मुँह से कहावत दो सेकेंड में बाहर। अब पिछले जमाने की दादी नानी बस नाम मात्र को ही स्कूल जा पाईं किंतु कहावतों में रचे बसे संसार को अपने जीवन में उतारकर उन्होंने कई मर्तबा अच्छे अच्छों की सिट्टी पिट्टी गुम की है। उन बहुत सारी कहावतों में से एक कहावत घर में भी और स्कूल में गुरु जी ने भी बात बात में उदाहरण के साथ बालकों को घोट घोट कर ये समझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सो भैय्या ट्रंप चच्चा ने जब से भारत से पंगा लेने की सोची तो हमें "मुगली घुट्टी 555" की तरह वो कहावत याद हो आई "आ बैल मुझे मार"  अब आप सोच रिए होंगे कि ऐसा कैसे जी तो भैय्या डोनाल्ड ट्रंप की मां ने भी अपने लाल को जनने के बाद और जब वो थोड़ा बड़ा हुआ तो उसके लच्छन देखकर जान लिया था कि ये ससुरा सबका है पर किसी का नही तभी तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से (जे ख़बर तो अमेरिका के अख़बार में भी छपी थी) कहा था कि "इसमें 0 जीरो कॉमन सेंस है अगर ये कभी पॉलिटिक्स में आया तो ये अमेरिका के डिजास्टर साबित होगा" वैसे मुझे लगता है मैरी मैम अजी मैं डॉनल्ड ट्रंप की मां के बारे में बता रिया हूं जी। वो मैडम मैरी ने ने थोड़ी सी ममता दिखाई वरना आज तो दुनिया जान गई कि इस बंदे की कॉमन सेंस _ जीरो है और हद तो तब हो गई जब इसने अपनी ही जवान बेटी के लिए कहा कि "मैं अपनी बेटी को डेट करना पसन्द करूंगा" जे बात भी अख़बार में छपी थी। भाई साहब जब टी वी पे इस खुडूस को बोलते देखा तो मुझे अपने देसी बॉलीवुड डोनाल्ड ट्रंप याद आ गए। गेस करो गेस ? गेस करने के चक्कर में ज्यादा जोर मति लगाना नई ते पीछे से गैस पास हो जावेगी।

         तो मसला तब शुरु हुआ जब ट्रंप बाबू ने ये कहना शुरु किया कि भारत पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया। चलो जी कह दिया तो कह दिया हमने और मोदी जी ने सोचा चलो ट्रंपवा दोस्त है कोई गल्ल नी जी। युद्ध हमने रोका या पाकिस्तान युद्ध रुकवाने के लिए म्हारे पैरों में सर रखकर गिड़गिड़ाया वो तो हम ही जानते हैं और हमारे महादेव। लेकिन ये क्या जी मई से लेकर अब अगस्त तक ट्रंप बिगड़ैल बच्चे की तरह युद्ध मैंने रुकवाया, युद्ध मैंने रुकवाया की रट लगाकर जमीन पे लोट पोट कर कपड़े गंदे करने लगा तो भैय्या म्हारे मोदी जी ने संसद में साफ़ साफ कह दिया मित्रों युद्ध रुकवाने में किसी देश का कोई हाथ नहीं तो ट्रंपवा के हाथ के तोते उड़ गए। बस भाई साहब उसने आनन फानन में भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ ठोक दिया। तीन दिन बाद एकस्ट्रा 25 प्रतिशत यानि कि कुल 50 प्रतिशत लेकिन मोदी जी तो मोदी ठहरे लोड लेते ही नही वो तो लोड देने में विश्वास करते हैं सो टैरिफ उनके ठेंगे से फिर तीन दिन बीत गए। सन्नाटा सन्नाटा सन्नाटा अचानक भारत के रक्षा मंत्री ने अपनी अमेरिकी यात्रा स्थगित कर दी और हथियार खरीदने की डील को पॉज कर दिया, समझे नहीं क्या बबुआ वही जैसे ऑपरेशन सिन्दूर को पॉज किया था। 

          अब भैय्या ट्रंप व्हाइट हाऊस में अलबलाए अलबलाए से कभी बैडरूम में कभी छत पर घूम रहे कि जे क्या हुआ ससुरा मोदी तो बिलकुल भी लोड न ले रा क्या करें, क्या न करें की उधेड़बुन में जैसे तैसे नींद आई ही थी कि ट्रंपवा की माता जी Mary Anne MacLeod Trump सपने में प्रकट हो गई, उन्हें देखते ही ट्रंपवा के मुँह से स्वत: ही निकल गया माते इत्ते दिनों बाद अपने सुपुत्र की कैसे याद आ गई। मैरी माता बोली तू सुपुत्र नहीं कुपुत्र है तेरे जीवन का उद्धार करने के लिए ही मैंने नरेन्द्र दामोदर दास मोदी को तेरे मित्र माई फ्रेंड के रूप में चुना लेकिन तू तो निरा HK निकला रे तू तो उसे ही चूना लगा रहा है। तूने अपने पहले कार्यकाल में भले ही 30573 झूठ बोले हों किंतु तू मोदी के गुण गाता नहीं थकता था लेकिन दूसरे कार्यकाल के शुरु में "उसके लिए कुर्सी आगे पीछे करने वाले" नामाकुल अब तू उसके साथ टैरिफ टैरिफ खेल रहा है। याद रख वो गुज्जू है वो अपनी पे आया तो तेरी गज्जक बना के खा जाएगा और पानी भी नही पीएगा। शायद तूने उसे मोहन दास करमचंद गाँधी का रिश्तेदार समझ लिया है जो दूसरा गाल आगे कर देगा। नामाकुल ये तेरा गाल तुझसे ही पकड़वाकर तेरे दूसरे हाथ से खुद पे इत्ते चांटे  लगवाएगा कि तू बस इत्ता ही बोल पाएगा गलती से मिस्टेक हो गई दद्दू। सुनते सुनते ट्रंप को अपनी मां मैरी में भारत माता दिखने लगीं। बड़े ही कातर दृष्टि से अपनी मां को देखकर ट्रंपवा बोले तुसी दस्सो मैं किरां मैरी मां। तो सुन नमाकुल कल मोदी को फोन कर माफ़ी मांग ले और बताना मत भूलना कि ये सब करने के लिए मैंने कहा है वरना तू तो उसे चार बार हैलो कह चुका है और मोदी है कि चारों बार रिसीवर उल्टा करके रख देता है ताकि तुझे तेरी औकात पता रहे। एक काम कर पहले अजीत को फोन करना समझे, ट्रंप सर खुजाते हुए बोला कौन अजीत माते, मैरी ने एक तिरछी नज़र ट्रंप पर डाली फिर बोली अजीत जिसको कोई जीत न सके काहिल मैं अजीत डोभाल की बात कर रही हूँ वो बहुत खतरनाक है लेकिन जब हंसता है तो समझ में आ जाता है वो किसकी बत्ती गुल करके आया है तो सुन तू मोदी को डायरेक्ट फोन मति करियो अजीत को हाथ वात जोड़ वो कुछ जुगाड भिड़ाएगा वरना कहीं तूने पांचवी बार फोन किया और ग़लती से मोदी ने रिसीवर उल्टे की जगह सीधा रक्खा तो वो सबसे पहले तुझे लठियाएगा फिर सोचेगा आगे बात करनी है या नही समझा कि नही HK। ट्रंप ने मां के पैर छुए तो मां खुश हो गई बोली चल तूने कुछ तो अच्छा सीखा मोदी से अच्छा सुन मोदी गुज्जू भाई है इस बार माफ़ी मिल जाए तो खुद को धन्य समझियो गुजराजी को गाली दो तो हँस कर लेता है लेकिन समय आने पर ब्याज सहित वापिस भी कर देता है। चल अब चलती हूं। ट्रंप ने मैरी मां के पुनः चरण छुए, जैसे ही मैरी मां अपनी जगह से हिली तो देखा उनके पीछे से ट्रंप के पिताजी फ्रेड ट्रंप प्रकट हो गए हैं इससे पहले कि डोनाल्ड कुछ कहते फ्रेड ट्रंप बोले झापड़ी के क्यूं मेरा नाम ख़राब करने पर तुला है ट्रंप ने पिता से ऐसी भाषा की उम्मीद नही की थी सो अचानक ट्रंप को फ्रेड ट्रंप के चेहरे में नाना पाटेकर की झलक दिखाई देने लगी। फ्रेड ट्रंप आगे बोले अपनी मां का कहना मान BKT और मोदी से सुलह कर ले वरना वो मोदी है डोनाल्ड डोनाल्ड अलग और ट्रंप ट्रंप अलग करके ही मानेगा और मिलेनिया से तेरा मिलन तो होगा लेकिन मिलेनियम वर्ष के बाद। मोदी को अंडर एस्टीमेट मत कर पगले कभी इस खाली खोपड़ी के जाले साफ करके सोच कि जो मोदी तेरे डिनर को ठुकरा सकता है वो ठुकाई भी तो कर सकता है। ट्रंप झापड़ी का अर्थ समझने के लिए गूगल में ऊंगली कर ही रहे थे तो पिता ने BKT भी कह दिया। कुछ सोचकर ट्रंप ने गूगल में डाली हुई ऊंगली निकाली और ये सोचकर निश्चिंतता की श्वांस ली कि पिताजी हैं गाली तो देने से रहे झापड़ी और BKT सनातन धर्म में आशीर्वाद के पर्यायवाची शब्द होंगे।

         अगले दिन ट्रंप ने मोदी जी को सुबह सुबह ही फोन खटका दिया राम राम श्याम श्याम के बाद 
ट्रंप: हेलो हेलो मिस्टर मोदी मिस्टर मोदी मैं ट्रंप बोल रहा हूँ। एक लम्बा पॉज लेने के बाद मोदी जी फिरकी लेते हुए बोले बोलो चौधरी साहेब कैसन बा, कैसे याद किया अपुन कू। ट्रंप : ये तुम जवाब देने से पहले इतना लम्बा पॉज काय कू लेते जी मिस्टर मोदी, बताओ बताओ। मोदी: ऑपरेशन सिन्दूर में पॉज लेने के बाद मेरे कू पॉज लेने का आदत पड़ गया है बिड़ू। अभी 
जैसे सिन्दूर का पॉज चल रिया है वैसे ईच्च समझ लो।
ट्रंप: ये तुम कईसे कईसे वर्ड बोलता, मेरे पल्ले कुछ भी नई पड़ता मिस्टर मोदी। ख़ैर मुझे कुछ पूछना मांगता है, पुछूं क्या ? मोदी: बिंदास होके पूछो चौधरी साहेब, हम दोस्तों के दोस्त हैं, ये बात अलग तुम सिर्फ़ माया और काया के दोस्त हो बीड़ू। ट्रंप: यार सात महीने हो गए राष्ट्रपति बने हुए, पहले सब सुन रिए थे अब कोई मेरी काय कू नी सुनता। जिसे देखो बड्डी बड्डी आँखें दिखाता। बाकी का छोड़ो तुम भी तो मुझे इग्नोर मार रिए हो। मैं सच्चे वाला दोस्त हूं तुम्हारा भी और भारत का भी " I 💕 मोदी N India too"। मोदी: इसके लिए थैंक यू सो कॉल्ड चौधरी साहब लेकिन ये मैं भी जानता हूँ और दुनिया वाले भी कि अमेरिका और ट्रंप किसी का दोस्त नहीं और आपके बारे में तो आपकी माता जी भी फरमा गई हैं डोनाल्ड अमेरिका का भी नही है वो सिर्फ़ अपने बारे में ही सोचता है। वैसे आपकी दोस्ती भी काबिल ए तारीफ़ है चौधरी साहब दोस्त भी कहते हो पीठ पर खँजर भी मारते हो। ट्रंप: मैं कुछ समझा नही मिस्टर मोदी। मोदी :एक शेर सुनो:  
      
        "दोस्तों की अब यही पहचान है 
         खंजरों के पीठ पर निशान हैं "
         हम पुजारी शान्ति के हैं मगर 
         हमको जां से प्यारा हिंदुस्तान है 

     ट्रंप का टॉमी 
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    हमने तुम्हारी पीठ पर खँजर कब मारा दोस्त देखो तुमने कहा और हमने TRS को आतंकवादी संगठन घोषित किया न। मोदी: अच्छा फिर फर्जी फ़ील्ड मार्शल मुनीर को लंच क्यूँ दिया, बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी को आतंकवादी बताकर बैन क्यूँ किया। ट्रंप: देखो दोस्त एक हफ़्ते से हमारा dogi 🐕 खाना नही खा रहा था और मुनीर बिन बुलाए मेहमान की तरह आया लेकिन पाकिस्तान वापिस नहीं जाने का नाम ही नही ले रिया था तो हमने उस बचे हुए खाने में तड़का लगाकर मुनीर को परोस दिया वो खुश और बदले में हमने उसको पाकिस्तान में तेल निकालने का वादा कर दिया। मोदी: पाकिस्तान में तेल कहां है माई डियर फ्रेंडवा वहां की आवाम का तेल पहले ही शाहबाज और मुनीर निकाल चुके हैं। मुझे मालूम है तुम्हारा तीर कहां जाकर गिरेगा। इराक के बाद ईरान का भट्टा बिठाना चाहते हो न। ट्रंप: छोड़ो दोस्त तुम इन पचड़ों में काय कू पड़ता तुम एक बार कह देते जंग मैंने रुकवाई है तो मैं भारत पर टैरिफ जीरो पर्सेंट कर देता बस इत्ती सी चाहत है कि अमेरिकी इतिहास में शान्ति का नोबेल पाने वाला मैं पांचवा राष्ट्रपति बन जाऊं। लेकिन दोस्त तुम माने नही और मुझे खुजली हो गई। सब मान रहे हैं तो मोदी क्यूँ नहीं बस मेरा खुजली वाला इगो हर्ट हो गया। देखो यार मैं अभी तक सात जंग रुकवा चुका हुं, रूस यूक्रेन भी रुकवा दूंगा और इजरायल और हमास की भी। तुम ऐसा करो दोस्त रूस से तेल न खरीदो, हथियार भी न खरीदो जहां तक पाकिस्तान को चने के झाड़ पर चढ़ाने की बात है वो इसके अलावा और किसी पे चढ़ने के लायक बचा भी कहां है। तुम एक बार हां तो कहो दोस्त मैं सच्ची कै रिया हूँ पाकिस्तान को ऐसी लात मारूंगा कि उसका नाम पाकिस्तान से लतीयास्तान हो जाएगा। यकीं नहीं तो पाकिस्तान में चल रहा नारा देख लें हुज़ूर " अमेरिका ने कुत्ते पाले, वर्दी वाले वाले" मेरे दोस्त मेरी एक ही इच्छा है कि मुझे शान्ति का नोबेल पुरस्कार मिल जाए बस। मोदी ने एक लम्बा पॉज लिया फिर बोला तुम भिखारी की तरह नोबेल मांग रहे हो ट्रंप मान लो 10 अक्तुबर को तुम्हारा नाम नोबेल के लिए नहीं आया तब क्या तुम नार्वे पर ही युद्ध थोप दोगे। अरे झिंगड तैनू कब अक्ल आएगी।

          मोदी: ने फिर से एक लम्बा पॉज लिया और बोले देखो डियर ट्रंप न तो मैं रूस से दोस्ती तोडूंगा न ही रूस से तेल और हथियार खरीदना बंद करूंगा। अमेरिका का इतिहास रहा है उसने हर उस देश को नष्ट कर दिया है जिसने उन्हें चुनौती दी।जब जापान ने चुनौती दी, तो तुमने उसे नष्ट कर दिया। जब यूएसएस आर ने तुम्हें चुनौती दी, तो तुमने उन्हें 17 टुकड़ों में तोड़ दिया। जब इराक ने अपना सिर उठाया, तो तुमने उन्हें नष्ट कर दिया। अब तुम इजरायल के साथ मिलकर ईरान के साथ भी ऐसा ही करना चाहते हो लेकिन ईरान ने तुम्हारी पेंट ढीली कर दी है। अब तुम चीन रूस के साथ मिलकर भारत को भी लपेट रहे हो बस यहीं तुम ग़लती कर बैठे ट्रंप बाबू। तुमने मोदी ,अम्बानी, अदाणी को चीन का जैक मा समझ लिया है क्या? जो विलुप्त हो जायेंगे ये तो मैंने रोका हुआ है वरना ये दोनों गुज्जू अपनी पे आ गए तो "एक था टाइगर" की तरह "एक था ट्रंप" होने में देर नही लगेगी। तुम सुबह उठते ही आएं बाएं शाएं चालू हो जाते हो जरा फोर्ड की हालत तो देख लो कित्ते घाटे में आ गई है और ये तो अभी शुरुआत है मियां। तुम चाहते हो सारे देश तुम्हारी चौधरहट कबूल करें पर ऐसा होने का न है महाराज। तुम्हें रूस से दिक्कत नहीं है तुम चाहते हो भारत तुमसे तेल खरीदे ठीक है लाओ जिस रेट में रूस दे रहा है तुम आधे रेट में देने की बात करो तुम्हारे सारे तेल के कुएं हमारे। जहां तक हथियारों की बात है F 35 केरल में महीनों खड़ा रहा सोचो हमने क्या कार गुजारी की होगी। तुम्हारे F 35 कबाड़ हैं उन्हें हमारे पड़ोसी कबाड़ीस्तान को बेच दो। जैसे ही मोदी ने स्वांस ली ट्रंप बोल पड़े:  आप मेरे दोस्त हो मोदी भाई दोस्ती का कुछ तो खयाल रखो कब से पेले जा रहे हो तुम्हारी संगत में ब्राजील का लूला भी मुझे ढंग से पेल रहा है कहता है शी से बात करेगा, पुतिन से करेगा मोदी से करेगा पर मुझसे नहीं, भाई घन्नी बेजत्ती हो री है कुछ तो कर मेरे बाप। अच्छा एक काम करो तुम्हारे यहां एक कहावत है "सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे" हां तो मोदी जी बस कुछ ऐसा उपाय करो कि दोनों की बात रह जाए। लेकिन हमारी एक शिकायत पर तुरन्त ध्यान देना होगा वो क्या है हम हफ़्ते भर तक अनाप शनाप बकते हैं ट्वीट भी कर रहे है पर न मोदी जवाब देता है न उसका कोई मंत्री बताओ जी जॉइंट सेक्रेट्री रैंक का एक अधिकारी स्टेटमेंट जारी कर देता है कि "राष्ट्रपति ट्रंप जी को कोई गलतफहमी हो गई लगती है" हम अपनी नीति पर कायम रहेंगे और फाइल झाड़कर हंसता हुआ वापिस लौट जाता है। ये तो प्रोटोकाल नहीं है भाई। मोदी जी माउथ पीस पर हाथ रखकर मुस्कुराए जा रहे हैं फिर हल्के से बोले मिस्टर ट्रंप ये नया भारत है। ख़राब सौदा करने से अच्छा है मैं सौदा ही न करूं। गुज्जू भाई हूं गुज्जू भाई।

         अब ध्यान से सुनो ये दुनिया पर चौधराहट जमाना बन्द करो। भारत रूस चीन के साथ टैरिफ टैरिफ खेलोगे तो कहीं ऐसा न हो make amerika great again के चक्कर में make amerika fail amerika न बन जाओ। दुनिया तेजी से बदल रही है। ये टैरिफ टैरिफ खेलकर ये जो तुम टैरिड डैडी हुए जा रहे हो इससे तुम निश्चित अमेरिकियों का ही तेल निकालोगे। भारत तो 140 करोड़ लोगों का देश है जिसमें अमेरिका जैसे चार देश बनते है और बात अगर RIC की करोगे तो 10 अमेरिका बनेंगे। और अगर S यानि साउथ अफ्रीका भी जोड़ दिया तो चलो खुदई हिसाब लगा लो मियां।तुम्हारी जनता तुम्हें पीटने के बहाने ढूंढ रही है कि साले किस उल्लू के पट्ठे को वोट दे दिया समझे। और हां ये जो तुम व्हाइट हाउस की छत पर खड़े होकर हाथ हिला रहे थे न उसी छत पर लेडी crow ने दो बच्चे दिए थे कल ही फोन पर मुझसे शिकायत कर रहे थे कि मोदी जी संभाल लो इस फुटकर को वरना हम इस पर ऐसा टैरिफ लगायेंगे ससुरा टैरिफ की स्पेलिंग ही भूल जाएगा। अब तुम खुदई सोचो तुम्हारी चौधराहट कित्ती रह गई है। अच्छा सुनो अगस्त में तुम्हारी टैरिफ टीम टीम आ रही है सम्भावना तलाशने ठीक है थोड़ी ढील देता हूँ लेकिन कृषि और डेयरी सेक्टर को छोड़कर। कल रात को तुम्हारी मैरी मां मेरे सपने में भी आई थीं तुम्हारी गुंडागिरी के कारनामे सुना रही थीं अब तो ग्रोक पर वाशिंगटन का सबसे बड़ा गुंडा कौन डालते ही तुम्हारा नाम फ्लैश होता है। चलते चलते दो बातें जो ट्रंप एलन मस्क का न हुआ वो और किसी का क्या होगा। ट्रंप ने कुछ कहने के लिए जैसे ही मुंह खोला मोदी बोले आखिरी बात सुनो डियर ट्रंप भारत के लोग अच्छे हैं लेकिन थोड़ा सनकी भी, उदाहरण देता हूँ जब पूरा विश्व कोरोना से त्राहि माम त्राहि माम कर रहा था तब भारत के लोग 10 रुपये का बीड़ी का बण्डल 100 में खरीद कर सुट्टा मार रहे थे,  10 की सिगरेट 50 में, 100 का अध्धा 1000 में और 500 की बोतल 5000 में खरीदकर कोरोना को चैलेंज कर रहे थे I  अब ऐसे लोगों के देश को टैरिफ की धमकी मती देना I और हाँ हमारे देश में एक और कहावत है " चौबे जी छोबे जी बनने गए और दुबे जी बनकर लौटे" समझ जा पगले वरना मैं असली चौधरी एक्सपोर्ट कर दूंगा वो तेरी सारी चौधराहट कहां से निकालेगा तुम खुदई समझ लो लपड़ झंडीस। ट्रंप: थैंक यू दोस्त मेरे पिताजी ने झापड़ी का बोला और तुमने लपड़ झंडीस मतलब good whishis होता है न मज़ा आ गया मैं इनको नोट करके रखूंगा। जय मोदी जय भारत।

         मोदी ने ट्रंप का ट्रंपवा बजाने के बाद अजीत डोभाल की ओर देखते हुए कहा सुनो अजीत ये पक्के वाला HK है कुछ लोग दो क़दम आगे चलते हैं चार कदम पीछे पर ई कनखजूरा टेढ़ा मेढ़ा चलता है, इसकी फिल्डिंग लगाता हूं। नज़र रक्खो इस ससुरे पर मैं जरा चीन जाकर चाइनीज खा कर लौटता हूं वो भी वाया जापान। चौंको मत अजीत धोखे का दूसरा नाम चीन है, तुमने सुना नही "अति विनियम धूर्तता नाम लक्ष्मणम" राष्ट्रपति महोदय को जिनपिंग ने मार्च में गोपनीय चिट्ठी भेजी थी न, चीन ने उसमें जो नही लिखा है मैंने वो भी पढ़ लिया है। तुम जयशंकर को कहकर रूस से 20 प्रतिशत तेल की खरीद बढ़ा दो। चीन जापान से आने के बाद इस ट्रंप का अच्छे से ट्रंपवा बजाकर इसकी डिबरी टाइट करता हूं।


प्रदीप डीएस भट्ट - 31082025
व्यंग्यकार मेरठ 

Thursday, 7 August 2025

"अतिथि देवो भव"


रिपोर्ताज 

        "अतिथि देवो भव"

         एक लम्बे अरसे बाद शायद तीन दशकों बाद ऐसा देखने को मिला कि श्रावण मास ने भोले नाथ से जग के कल्याण के लिए उत्तरी भारत में ( महाराष्ट्र और साउथ इंडिया में पन्द्रह दिनों बाद) एंट्री की ही थी कि इन्द्र देव बिना वीज़ा लिए दे दना दन बरसने 🌧 🌦 🌂 लगे I शुरू में तो सब ठीक ही था फिर जाने क्या हुआ यहाँ बरसे तो वहाँ नहीं और वहाँ बरसे तो यहाँ नहीं तो महराज फिर कहाँ बरसे I  महाराज आने से पहले अपनी टंकी और टोटी चैक करनी चाहिए थी न, ये क्या हुआ जी मेरठ जैसे छोटे से शहर में बाईपास पे बरसोगे कंकरखेड़ा छुट्टी, कैंट बरसोगे गढ़ रोड नहीं और गढ़ रोड़ बरसोगे तो नदी पार नहीं, महाराज शास्त्रों में इसे पक्षपात कहा गया है। 😜😜😜😜अब बताओ जी हम मुम्बई, हैदराबाद छोड़कर किसलिए मेरठ में आन बसे । ये तो ज्यादती है महाराज। सरासर दुहाई है दुहाई I चलो महाराज आगे से ध्यान राखियो।😇

         अभी हम इन्द्र देव से गुफ़्तिया ही रहे थे तभी हमारे खूबसूरत दीदे 👀 👁 मुबलिया पर एक चित्र देखकर ठिठक गए। चित्र को इत्र लगाया फिर चौड़ा करके देखा तो कुल अट्ठारह जनों की फुटवा जिसमें मात्र तीन पुरुष और पन्द्रह महिलाएँ I  सच बता रिया हूँ तुरन्त हर साल अख़बार में छपने वाले 10th 12th के रिज़ल्ट पर वही खबर "लड़कियों ने  लड़को से बाज़ी मारी "  महिला सशक्तिकरण की जय बोलने को मन तो किया लेकिन फिर नीला ड्रम और सर्प दंश याद आ गए और हमने चुपचाप फ़ोटो पर नज़र गड़ाई। कई जाने पहचाने चेहरे दिखे जो फ़ेसबुक की भीड़ में कहीं खोए हुए लगे लेकिन लेकिन लेकिन मुम्बई से बबीता जैन, अन्नपूर्णा गुप्ता और देहरादून से मीरा नवेली इन सभी से पूर्व में ग़ज़ल कुम्भ में मुलाक़ात हो चुकी थी। 😊😊😊😊बबीता जैन और अन्नपूर्णा से तो एक अन्य संस्था के कार्यक्रम में चेन्नई और हरिद्वार में भी मिल चुका था सो बबीता जी को तुरन्त फोन खड़का दिया। राम राम श्याम श्याम हुई उनकी कुछ शंकाओं का समाधान किया और फिर उनके 1 अगस्त मुंबई से चलने से लेकर 2 अगस्त IIMT मेरठ में पहुँचने तक दिशा निर्देश दिए जाते रहे। चूँकि उनका केवल 24 घण्टे का ही प्रवास था सो जो सम्भव हो सकता है कि तर्ज़ पर पहले भोजन 🍑🍑🍉🍓🫐🥥🥝 ग्रहण किया फिर अपनी मुम्बईया स्कूटी उठाई और स्वेद से सराबोर होते हुए IIMT अतिथि गृह जा पहुँचे। हमारी शिकायत से इन्द्र देव कुछ रूष्ट हो गए लगते थे तभी तो हमने दोनों मोहतरमाओ को बताया था कि मौसम विभाग ने दिल्ली NCR में  बारिश का 🌧️🌧️🌦️🌦️🌦️येलो अलर्ट जारी किया है किन्तु यहाँ तो धूप 🔥🔥🔥ऐसे निकली कि बस पूछो मती।

         IIMT के ठीक ठाक से अतिथि गृह में हम अन्नपूर्णा और बबीता जी थोड़ी देर में हैदराबाद से पधारी निधि जैन भी आ गई। काफ़ी देर तक चारों बतियाते रहे फिर निधि जैन नीचे और बाजू वाले कमरे से मीरा नवेली जी बिटिया संग प्रकट हुईं I बबीता जी व अन्नपूर्णा तैय्यार होकर आईं तो फिर मैंने आतिथ्य धर्म का निर्वहन करते हुए बारी बारी से तीनों मोहतरमाओ और बिटिया मृणालिनी का सत्कार किया। चूँकि बार बार लंच का बुलावा आ रहा था सो सीधे लंच🍿🍩🥃🍪🫘🥣🥣🥣🥣 रूम में I चारों के लंच से निवृत्त होने के बाद हमने तीनों को शुभकामनायें प्रेषित की और मृणालिनी को शुभाशीष देते हुए खरामा खरामा घर की ओर। 

         अगले दिन दिल्ली प्रोग्राम अटेंड करके मेरठ वापसी के रास्ते में बारिश ने अपना भयंकर रूप दिखाया भाई साहब पूछो मती, तभी मुबलिया बज उठा उधर बबीता जी थीं, पूछने लगी ये शोर कैसा है प्रदीप जी, बड़ी मुश्किल से इत्ता ही बोल पाए देवी इन्द्र देवता ने तूफ़ान  ⛈️ 🌩 ⚡️ ⛈️ 🌩 मचा रक्खा है I इधर बादल गरज़ रहे थे उधर बबीता बारिश के येलो अलर्ट पर सवाल उठा रही थीं, अब उन्हें कौन बताए प्लेटफार्म नंबर 5 पर आने वाली गाड़ी अगर अचानक 10 पर आए तो कोई क्या करे जी।


प्रदीप डीएस भट्ट-07082025