"आँख बन्द डिब्बा गायब"
तो हुआ यूं कि टीवी पर वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा सुनते सुनते ससुरे कानों ने अपनी जगह से लगभग उखड़ते हुए बिल्कुल दोनों दीदो के बीच आकर कहा अबे सुनो राहुल गाँधी की नौटंकी से हमारे यानि कानों के सिर में दर्द हो रहा है। आख़िर हम भी एक हद तक ही डेसिबल डेसिबल झेल सकते हैं। बड़े व्यंग्यकार बने फिरते हो सुनो हमें अभी अभी गुप्त सूचना प्राप्त हुई है कल राहुलवा हाइड्रोजन बम फोड़ने वाला है हम पे रहम करो और वहां ले चलो ज़रा प्रत्यक्ष देख सुन लें।कानों के रौद्र रूप को देखते हुए हम अगले दिन कोटला जा पहुंचे वो भी 9 बजे 10 बजे हाइड्रोजन बम फटने का समय जो निश्चित था पहुंचें तो पता चला बम फूटने का समय 10 की जगह 11 हो गया है। बस फिर क्या था हमने कांग्रेस मुख्यालय के हॉल में टहलना शुरु कर दिया तभी हॉल में टंगी एक फोटो ने हमें खोपचे में आने का इशारा किया। हमने इधर उधर देखा तो फुटवा बोली वोट चोरी का हाइड्रोजन बम फूटता देखने आए हो बे हमने हां में मुंडी हिलाई और परिचय जानना चाहा तो तस्वीर ने नाम पट्टिका से धूल हटाने को कहा, हमने धूल हटाई तो मटमैले कलर में "एलन ऑक्टेवियन ह्यूम" लिखा दिखा। हमने मस्ती में पूछा तुम यहां काहे टंगे हो बे। तस्वीर फिर बोली मैं एक ब्रिटिश सिविल सेवी, एक पक्षी विज्ञानी और वनस्पति विज्ञानी था। मति मारी गई थी मेरी जो मैंने भारतीयों और ब्रिटिशस के मध्य एक सेफ़्टी वाल्व के रूप में कार्य करने के लिए 28 दिसम्बर 1885 में 72 लोगों (भाई साहब आप 72 हूरें न पढ़ लेना, हां नई तो) के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कर डाली ।
तस्वीर ने एक लम्बा पॉज लिया फिर बोली कांग्रेस पार्टी के उद्भव से लेकर आज तक न जाने कितने अध्यक्ष बने या बनाए गए कभी चोरी से कभी सीना जोरी से लेकिन मजाल है किसी दूसरे कॉन्ग्रेसी नेता ने चूं चपड़ की हो और करते भी कैसे कुछ दिनों या महीनों में ही चूं चपड़ करने वाले का नाम," राम नाम सत्य" में जो विलीन हो जाने का ख़तरा जो रहता था। कभी ट्रक के नीचे कभी होटल के कमरे में खूबसूरत लाश के रूप में तो कभी हवाई जहाज़ में उल्टे लटके हुए। वैसे कुछ भी कहो हवाई जहाज़ में मरने का अलग ही मज़ा है लेकिन इसके लिए आपके पास कुछ ख़ुफ़िया राज होने चाहिए ऐसे ही कोई इत्ते महंगे हवाई जहाज़ की बली थोड़े दी जाएगी भाई साहब किसी ऐरे गेरे के लिए। इसके लिए ऐसे वैसे और न जाने कैसे कर्म कुकर्मों की आह लेनी पड़ती है जी। वैसे ख़तरा मतलब वो जो सफ़ेद बोर्ड पर एक नरमुंड पर लाल रंग से क्रॉस निशान, अबे बात समझ में आई या नहीं। अब भला किसको शौक होगा जो उस नरमुंड की जगह अपना मुंड लटकता देखना चाहेगा। ख़ैर असली वोट चोरी या तुम उसे डकैती कहना चाहो या लूट कह लो। मैं तुम्हें आंकड़े देता हूं लेकिन शर्त इत्ती सी है तुम जाते जाते मुझे यहां से चुरा कर ले जाना। मैंने हां में फिर से मुंडी हिलाई तो तस्वीर बड़बड़ाते हुए बोली चलो कागज़ पेंसिल उठाओ और लिखना शुरू करो।
👉 एक * देखो भैय्या आज़ाद भारत में वोट चोरी नहीं बल्कि वोट डकैती डाली गई थी। 1946 में 15 कॉंग्रेस प्रान्तीय समितियों को कॉंग्रेस अध्यक्ष का चुनाव करना था 15 में से 12 ने सरदार पटेल को वोट दिया 3 ने बहिष्कार किया और नेहरू को वोट की जगह मिला बाबा जी का ठुल्लू लेकिन अध्यक्ष कौन बना नेहरू। इससे सिद्ध होता है खुदा मेहरबान तो गधा पहलवान। 👉 दो ** 1951 में जम्मू कश्मीर में चुनाव डिक्लेयर हुए । नेहरू शेख अब्दुल्ला को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। सीट बंटवारे में कश्मीर घाटी को 43 जम्मू रीजन को 30 और लद्दाख को केवल 2 सीट दी गईं। कॉन्ग्रेस ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया ताकि नेशनल कॉन्ग्रेस आसानी से चुनाव जीत जाए। तीसरी पार्टी थी प्रजा परिषद् चूंकि उसका घाटी में कोई आधार नहीं था इसलिए प्रजा परिषद् ने जम्मू रीज़न में चुनाव लड़ने का फैसला किया लेकिन कॉन्ग्रेस की दख़ल पर तत्कालीन चुनाव आयुक्त ने नॉमिनेश में 13 उम्मीदवारों के पर्चे ख़ारिज कर दिए इस पर प्रजा परिषद् ने पहले जम्मू कश्मीर में फिर दिल्ली में प्रोटेस्ट किया और नेहरू को इस गड़बड़ी की चिट्ठी लिखी लेकिन जब कोई एक्शन नहीं हुआ तो प्रजा परिषद् ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर दी। 👉 चार ** बाबा साहब अम्बेडकर नॉर्थ बम्बई से 1952 में 14 हज़ार वोटों से हारे और वोट कैंसिल हुए 78000। जय प्रकाश नारायण जी ने भी कहा कुछ नही बहुत बड़ी गड़बड़ है।अब तनिक आप ही सोचो "दया कुछ गड़बड़ है " से पहले भी कांग्रेस कुछ गड़बड़ है वामपंथियों कुछ गड़बड़ है चल रहा था। इसलिए डंके की चोट पर अम्बेडकर जी ने कोर्ट में केस फाइल किया और कांग्रेस और वामपंथियों को कटघरे में खड़ा किया।
👉 पांच ** 1952 में रामपुर में मौलाना आज़ाद चुनाव लड़े मगर बीस हज़ार वोटों से हार गए, रिटर्निंग ऑफिसर ने रिज़ल्ट भी डिक्लेयर कर दिया तभी नेहरू जी ने गोविन्द वल्लभ पंत को फोन कर कहा कि मौलाना आज़ाद चुनाव नही हारने चाहिए। पंत जी बोले महाराज डीएम रिजल्ट डिक्लेयर कर चुका है तो नेहरू जी ने तुरन्त धमकी दी अगर मौलाना की शिकस्त हुई तो तुम्हारी कुर्सी गई। पंत जी ने आनन फानन में डीएम को फोन लगाया और बोला अगर मौलाना हारा तो हम दोनों की कुर्सी जाना तय है कुछ करो, फिर डीएम जीते हुए उम्मीदवार के बक्से से वोट निकालकर मौलाना के बक्से में डाले और लो जी मौलाना जीत गए जी। गांधी जी की किताब सत्य के प्रयोग का सबसे उम्दा उदाहरण। प्वाइंट नम्बर छः ** कैलाश नाथ वाँचू जिनके पास नॉर्मल लॉ की डिग्री भी नही थी कॉन्ग्रेस ने 24 अप्रैल 1967 में उन्हें चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया बना दिया। भाई साहब खुदई सोचो ऐसे ऐसे काम कांग्रेस के अलावा और कोई कर सके है। अब इसे वोट चोरी तो नहीं संवैधानिक लूट कह सकते हैं। प्वाइंट नम्बर सात** रायबरेली चुनाव में सो कॉल्ड आयरन लेडी ने वोट की चोरी नही की वरन डकैती डाली, उत्तर प्रदेश के हाई कोर्ट ने 1975 में राज नारायण की याचिका पर 1971 के चुनाव का संज्ञान लिया और परिणाम रद्द कर दिया। बस आयरन लेडी को गुस्सा आ गया 25 जून को आपातकाल लगा दिया। 👉 ** गोपाल स्वामी मुख्य चुनाव आयुक्त ने नवीन चावला की लिखित शिकायत दर्ज कराई कि चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण सूचनाएं चावला द्वारा कांग्रेस को लीक की जा रही हैं। कांग्रेस ने कहा चावला हमारा बच्चा है ये तो यूं ही दुग्ध पीएगा। मतलब वोट चोरी चुनाव आयोग के एक लपाड़े के द्वारा नही बल्कि आधा चुनाव आयोग ही चोरी हो गया।
👉 ** जस्टिस बहरुल इस्लाम आसाम हाई कोर्ट के जज पहले इस्तीफा देते हैं फिर कांग्रेस के टिकिट पर चुनाव लड़ते हैं, लोकसभा चुनाव कैंसिल हो जाता है तो फिर उन्हें राज्य सभा भेजा जाता है बाद में इस्लाम मियां इस्तीफा देते हैं फिर उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बना दिया जाता है। अब लगाते रहो हिसाब ये चोरी है,लूट है या डकैती। 👉 ** जब 21 मई 1991 में राजीव गाँधी की हत्या हो गई तो चुनाव आयोग ने राजीव गाँधी की सीट कैंसिल नहीं की वरन पूरे देश के चुनाव को 21,22 दिन आगे बढ़ा दिया ताकि कॉन्ग्रेस राजीव गाँधी की अस्थियों को देश में लेकर घूम सके। अब खुदई सोचो जो पार्टी चुनाव आयोग को जेब में रखकर चलती थी आज वो चुनाव आयोग के पीछे हाथ धोकर पड़ी है। 👉 ** अधीर रंजन चौधरी जो कॉन्ग्रेस के पिछले लोप ( लीडर ऑफ ऑप्जिशन) रह चुके हैं खुदई कॉन्ग्रेस से अलग होकर बनी TMC यानि तुड़ी मुड़ी कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं कि ममता नामक दीदी खुदई 35,40 लाख फर्जी वोट लिए घूम रही है।
👉 ** के एन राजन्ना कांग्रेस लीडर ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप पर उल्टा सवाल दागते हुए कहा कि कर्नाटक में यदि वोट चोरी हुई है तो कांग्रेस कर्नाटक में कैसे जीती। बस तुरन्त दिल्ली से फोन खड़क गया और परिणाम बेचारे राजन्ना की बलि से खत्म हुआ।
आँख बंद डिब्बा गायब
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👉** चारा चोर का टाइटल गले में लटकाए घूम रहे ललुआ जी से जब बीबीसी एक पत्रकार पूछे कि बालू जी जहां आप जीतने की स्थिति में होते हैं वहां आप जीतते हैं कोई बात नही लेकिन जहां सबको पता है आप हारेंगे वहां कैसे जीतते हो ललुआ जी, तो भैय्या जी ललुवा जी बोले "आँख बन्द डिब्बा गायब " 👉 ** राहुल गाँधी ने वोट चोरी नामक वाहियात इल्ज़ाम चुनाव आयोग एवम् वर्तमान सरकार पर लगाया और उस पर बाकायदा PPt प्रेजेंटेशन तैयार कर कुछ सो कॉल्ड पत्रकारों एवम् स्टूडेंट्स के सामने प्रेजेंट किया। अब भईया जब उस प्रेजेंटेशन को अपलोड करने का रियल टाइम चैक किया गया तो पता चला ये तो म्यांमार से अपलोड किया गया है। मतलब आंकड़ा खुद का चोरी हुआ अब कै रिए हैं हाइड्रोजन बम फोड़ूगा। अब उनकी ही बाल्टी के लोग हाथ जोड़कर कह रहे हैं रहने दे भाई तेरे से न होगा। क्यूँ बेइज्जती में दाग लगवाने पर तुला है,चल हवा आने दे । 👉** राहुल गाँधी के वोट चोरी के आरोपों के बहकावे में आकर पता नही कॉन्ग्रेस के किस भक्त ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका लगा दी साथ ही कोर्ट को चुनाव आयोग को दिशा निर्देश देने के लिए कहा। अब भाई साहब पहले चौकीदार चोर पे सुप्रीम हंटर खाकर भी ये लकड़बग्घे सुधरे नही तो कोर्ट है वो भी हाई वाली आ गया गुस्सा वो भी हाई वाला, पहले तो याचिका कर्ता को ढंग से रगड़ा फिर एक लाख का अर्थ दण्ड लगा दिया । अब वो बंदा सोच रहा है नमाज़ बख्शवाने गया था ई ससुरा तो रोज़ा ही गले पड़ गया जी। 👉
** एक सो कॉल्ड सोफिलोजीस्ट संजय कुमार जिनके ट्वीट से ही कॉन्ग्रेस ने वोट चोरी का फंडा विकसित किया। अब जब संजय कुमार कह चुके हैं माफी मांग चुके हैं कि ये एक टाइपिंग एरर था तो सवाल ये है कि इतना लम्बा एरर हुआ कैसे और हुआ तो पढ़ा कैसे और पढ़ा तो किसने इसे समझा कैसे मतलब संजय कुमार महाभारत के संजय बनने की कोशिश में संजय एरर बन गए। सच्चाई ये है कि ये सारी कारगुज़ारी कॉन्ग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए थी लेकिन कॉन्ग्रेस के राजकुमार कभी हाइड्रोजन कभी नाइट्रोजन बम को फुस्सी बम बनाकर फोड़ रहे हैं जिससे कांग्रेस परमानेंट कोमा में चली जाए। 👉** निशित कटारिया को हरियाणा युवा कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया। भाई साहब कमाल तो ये है नीतीश पुत्र राजकुमार निषेध पुत्र सुखबीर बन गया और सुखबीर की पत्नी और पता नी कौन कौन रिश्तेदार के फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर घने सारे फर्जी वोट ठोक दिए। मजे की बात जे है कि अकेले गुरुग्राम में इस बंदे पे सौ से ज्यादा केस विचाराधीन।
और भैय्या अंत में वोट चोरी के अलावा कॉन्ग्रेस पार्टी जाति चोरी में भी बड़ी माहिर है। अब देखो ने जवाहर लाल कौल ( इससे पहले के इतिहास में जाऊंगा तो कोई अब्दुल निकलेगा ये विषय अलग है कि उस अब्दुल के दादा किशन लाल ही होंगे) जवाहर लाल नेहरू हो गए, किसी ने पूछा क्या कैसे?, फिरोज ghandy फिरोज गाँधी हो गए। एंटोनियो माइनो सोनिया गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड्रा हो गईं लेकिन भाई साहब गाँधी सरनेम को पकड़ के रक्खा हुआ है आखिर भविष्य वाड्रा में थोड़े ही है ghandy में भी नहीं अगर भविष्य है तो वो है गाँधी में। गाँधी जी भी सोच रहे होंगे, अमा क्या सोच रहे होंगे अपना सिर धुन रिए होंगे, हां नई तो।
प्रदीप भट्ट - व्यंग्यकार 22.09.2025